Sarvarth Chintamani (2 Volume set) [Hindi] Kota Chakra and Sanghatta Chakra [English] भगवान् यज्ञ से प्रसन्न होते
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Description
Sarvarth Chintamani (2 Volume set) [Hindi] Kota Chakra and Sanghatta Chakra [English] भगवान् यज्ञ से प्रसन्न होते भगवान् यज्ञ से प्रसन्न होते है I श्रीमद्भगवद गीता ' में कहा गया है प्रजापति ब्रह्मा ने मनुष्यो के साथ ही साथ यज्ञ को भी उतपन्न किया और उनसे कहा कि इस यज्ञ के द्वारा तुम्हारी समस्त मनोकामनाए पूर्ण होगी I इस ग्रन्थ में यह भी उल्लिखित है कि समस्त प्राणी अन्न से उतपन्न होते है और अन्न की उत्पति वर्षा से होती है I वर्षा यज्ञ से होती है और यज्ञ शुभ कर्मो से होता है I भारतीय संस्कृति में ' त्रि ' या तीन का विशेष महत्व है l यहाँ ईश्वर के तीन रूप या तीन प्रमुख देवताओ के रूप में पहचान की गई है I सृष्टि के लिए ब्रह्मा